कोबंडिया और थाईलैंड के बीच बीते कुछ दिनों से जारी संघर्ष के बीच अब एक अच्छी खबर सामने आ रही है।जहां दोनों देशोंने शनिवार से दोपहर 12 बजे से तुरंत प्रभावी सीजफायर (युद्धविराम) लागू करने का फैसला किया है। यह कदम कंबोडिया और थाईलैंडकी साझा सीमा पर हाल ही में हुए हिंसक संघर्षों को कम करने और शांति बहाल करने के लिए उठाया गया है। एशियाका भूले-बिसरे इससंघर्ष में100 से अधिक लोग मारे गए और करीब पांच लाख लोग विस्थापित हुए।
दोनों देशों ने यह निर्णय तीसरी विशेष सीमा समिति (जीबीसी) की बैठक के बाद लिया, जो प्रुम-बन पाक कार्ड अंतरराष्ट्रीय सीमा चौकी पर हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने शांति और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि विवादों का समाधान विश्वसनीयता, ईमानदारी, निष्पक्षता और आपसी सम्मान के माहौल में होना चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर, आसियान चार्टर और दक्षिण-पूर्व एशिया में मित्रता और सहयोग संधि के सिद्धांतों का पालन करने पर भी जोर दिया।
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टंप ने क्या किया था दावा?
बता दें कि पिछले दिनों थाईलैंड और कंबोडिया के बीच बढ़ते सीमाविवाद को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा था किवह एक फोन कॉल करके थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जारी संघर्ष को रोक देंगे। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया था कि वह ताकत के दम पर शांति स्थापित कर रहे हैं।
सीजफायर के तहत इन बातों पर सहमति
बैठक में यह भी याद दिलाया गया कि 22 दिसंबर को कुआलालंपुर में हुई विशेष आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शांति और बल का उपयोग न करने का आग्रह किया गया था। सीजफायर के तहत दोनों देशों ने सहमति दी कि सभी प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल रोकना होगा। साथ हीनागरिक इमारतों और सैन्य ठिकानों पर कोई हमला नहीं होगा। दोनों पक्षों ने यह भी कहा कि अनायास गोलीबारी, सैनिकों की किसी भी तरह की आग या हमला नहीं होना चाहिए।
इसके अलावा दोनों देश औटा कन्वेंशन के तहत खदान निषेध कानूनों का पालन करेंगे और सीमा क्षेत्र में मानवता के लिए खदानें हटाने का काम मिलकर करेंगे। साथ ही साइबर अपराध और मानव तस्करी जैसी ट्रांसनेशनल क्राइम्स के खिलाफ सहयोग भी बढ़ाया जाएगा। सीजफायर के विश्वास बढ़ाने के कदम के रूप में, 18 कंबोडियाई सैनिकों को 72 घंटे की शांति के बाद लौटाया जाएगा।
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बैठक में शांति सहयोग पर दिया गया जोर
गौरतलब है कि बैठक की अध्यक्षता कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री जनरल टी सीहा और थाईलैंड के रक्षामंत्री जनरल नटाफॉन नार्कफानिट ने की, और आसियान निरीक्षक दल ने भी बैठक में भाग लिया। बैठक में शांति, सहयोग और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया। इस समझौते से आशा है कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद शांतिपूर्ण तरीके से हल होंगे और क्षेत्र में स्थिरता और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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