07:28 PM, 29-Oct-2025
तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, 6 जिलों के लिए रेड अलर्ट
चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के प्रभाव के चलते तेलंगाना के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हुई।राज्य के वारंगल, जनगांव, हनुमाकोंडा, महबुबाबाद, करीमनगर, सिद्दीपेट, यदाद्री भुवनागिरी, सूर्यापेट, नलगोंडा, खम्मम, भद्राद्री कोठागुडेम, नगरकुर्नूल, पेद्दापल्ली उन जिलों में से थे, जहां भारी बारिश हुई। साथ ही हैदराबाद में भी बारिश देखी गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को वारंगल, हनुमकोंडा, महबूबाबाद, जनगांव, सिद्दीपेट और यादाद्री भुवनगिरी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अलग-अलग स्थानों पर गरज, बिजली और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे) के साथ बहुत भारी से बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
11:15 AM, 29-Oct-2025
तेलंगाना क्षेत्र में प्रवेश करेगा चक्रवात मोंथा: मौसम वैज्ञानिक
चक्रवात मोंथा को लेकर मौसम विभाग के वैज्ञानिक एस. करुणासागर ने कहा, मध्य बंगाल में बना गंभीर चक्रवाती तूफान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और यह कल आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया। यह आधी रात 11.30 से 12.30 बजे के बीच तट से टकराया और इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और सुबह ढाई बजे बजे तक यह चक्रवाती तूफान में कमजोर हो गया।
उन्होंने आगे बताया कि यह तूफान तेलंगाना क्षेत्र में भी प्रवेश करेगा। आज भी अत्यंत गंभीर मौसम की संभावना है। हवा और बारिश जारी रहने की संभावना है। श्रीकाकुलम, विजयनगरम, मान्यम, अल्लूरी, विशाखापत्तनम और अनकापल्ली जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।करुणासागर ने कहा, एलुरु, कृष्णा, एनटीआर, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, काकिनाडा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी और प्रकाशम जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। लोगों को भारी बारिश के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
10:14 AM, 29-Oct-2025
हमारी टीमें किसी भी स्थिति के लिए तैयार: मोहन चरण माझी
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने चक्रवात मोंथा के लैंडफॉल से पहले स्थिति का जायजा लेने के लिए विशेष राहत आयुक्तालय के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। माजी ने कहा कि ओडिशा अभी खतरे में नहीं है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने कहा, “हमने नियंत्रण कक्ष में आईएमडी की ग्राफिकल छवियों के माध्यम से चक्रवात मोंथा की स्थिति का जायजा लिया। ओडिशा ज्यादा जोखिम में नहीं है। हमारी सभी टीमें किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है और आश्रयों में सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाएं, बीमार लोग और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्कूल और आंगनवाड़ी बंद कर दिए गए हैं और अगले 24 घंटों के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी पूर्वी तटीय राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चक्रवात मोंथा के लिए तैयारियों की समीक्षा की, जिनमें आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु शामिल हैं।
09:24 AM, 29-Oct-2025
कई जगहों पर भूस्खलन हुआ: गजपति जिलाधिकारी
ओडिशा के गजपति की जिला अधिकारी मधुमिता ने बताया कि प्रशासन ने रातभर काम किया, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो। उन्होंने कहा, लगातार बारिश की वजह से कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। हमने सुबह उन जगहों को खाली कर दिया। शून्य जनहानि का लक्ष्य पाने के लिए 10 हजार लोगों को संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। गर्भवती महिलाओं की भी देखभाल की जा रही है और हमारे कर्मचारी लगातार जमीन पर काम कर रहे हैं।
09:18 AM, 29-Oct-2025
110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र तट से टकराया मोंथा
गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के मध्य तट से टकराया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि झोंके 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे।
09:09 AM, 29-Oct-2025
चक्रवात मोंथा छह घंटे तक रहेगा मजबूत: मौसम विभाग
आईएमडी ने मंगलवार को कहा था कि चक्रवात मोंथा आंध्र प्रदेश के अंदरूनी इलाकों और दक्षिण ओडिशा के पास पहुंचने के बाद करीब छह घंटे तक मजबूत रहेगा।
09:09 AM, 29-Oct-2025
हेल्पलाइन नंबर जारी
आंध्र प्रदेश में चक्रवात मोंथा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। हेल्पलाइन नंबर चित्तूर (08572-242777, 9491077325), नेल्लोर (0861-2331261, 7995576699), काकीनाडा (0884-2356801), बापटल (0863-2234014), गुंटूर (0864-3220226) और वाईएसआर कडपा (08562-246344) हैं।
08:34 AM, 29-Oct-2025
Cyclone Montha Live: ‘मोंथा’ का असर, तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, 6 जिलों के लिए रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार सुबह बताया कि गंभीर चक्रवाती तूफान मोंथा आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर हो गया है। इस तूफान के कारण कई तटीय जिलों में भारी बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं।
