दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पंत और राहुल दोनों प्लेइंग-11 का हिस्सा थे, लेकिन वनडे में स्थिति अलग है। नियमित कप्तान शुभमन गिल के नहीं होने से यशस्वी जायसवाल रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग के लिए उतर सकते हैं। वहीं, कोहली तीसरे नंबर पर उतरेंगे। संतुलन और यहां की परिस्थितियां काफी हद तक चयन तय करेंगी लेकिन कई सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिए जाने के साथ सीरीज का पहला मैच चयनकर्ताओं की मध्यावधि योजना की एक झलक दे सकता है।
पंत को एकादश में जगह मिलने की कितनी संभावना?
चर्चा का केंद्र यह है कि अगर पंत को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी नहीं दी जाती है तो भी क्या वह कप्तान केएल राहुल के साथ एकादश में फिट हो सकते हैं। गुवाहाटी टेस्ट में जिस तरह से पंत आउट हुए उसके लिए उनकी काफी आलोचना हुई है लेकिन वह हमेशा से इसी तरह का क्रिकेट खेलते रहे हैं। कप्तान राहुल अगर विकेटकीपिंग करते हैं तो थिंक-टैंक के सामने एक रणनीतिक दुविधा होगी कि क्या वे पंत को मध्य क्रम में सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर खिला सकते हैं? पंत का खेलना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि वह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं जबकि भारतीय बल्लेबाजी क्रम में अधिकतर बल्लेबाज दाएं हाथ के हैं। दोनों को एक साथ खिलाना नामुमकिन नहीं है लेकिन यह इस पर निर्भर करेगा कि रांची में शाम को ठंडे मौसम में भारत को बल्लेबाजी में कितनी गहराई चाहिए जहां लक्ष्य का पीछा करने के लिए लंबे बल्लेबाजी क्रम की जरूरत पड़ सकती है।
तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकता है भारत
एक और अहम फैसला ऑलराउंडर के स्थान को लेकर है जिसके लिए नीतीश और वाशिंगटन का दावा है। नीतीश मध्यम गति की गेंदबाजी करने के अलावा डेथ ओवरों में बड़े शॉट खेल सकते हैं, जबकि वाशिंगटन पावरप्ले में नियंत्रण देने के अलावा बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ फायदा दे सकते हैं। इसके अलावा वह सातवें नंबर पर अतिरिक्त बल्लेबाज का विकल्प भी देते हैं। अगर भारत पारंपरिक सोच अपनाता है तो वाशिंगटन को मौका मिल सकता है, जबकि अगर उन्हें गेंद से इंपैक्ट और डेथ ओवरों में पावर हिटिंग का विकल्प चाहिए तो नीतीश को मौका मिल सकता है। तेज गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा को खिलाने की संभावना है।



