Home Bihar News Pakistan: कराची में खतरनाक स्मॉग से बढ़ा स्वास्थ्य संकट, बच्चों में निमोनिया-सांस...

Pakistan: कराची में खतरनाक स्मॉग से बढ़ा स्वास्थ्य संकट, बच्चों में निमोनिया-सांस की बीमारियों के मामले बढ़े

0
Pakistan: कराची में खतरनाक स्मॉग से बढ़ा स्वास्थ्य संकट, बच्चों में निमोनिया-सांस की बीमारियों के मामले बढ़े

पाकिस्तान के कराची शहर में इन दिनों रहना मुश्किल हो गया है। कारण है किशहर में न्यूनतम तापमान में गिरावट के साथ खतरनाक स्तर का स्मॉग छा गया है, जिससे लोगों, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अुनसारस्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क पहनने, बाहरी गतिविधियां कम करने और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी है। शहर में दिनभर चल रहे निर्माण कार्यों की धूल ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। मुख्य मौसम वैज्ञानिकअमीर हैदर लघारी ने बताया कि कराची में जो दिखाई दे रहा है वह कोहरा नहीं बल्कि खतरनाक स्मॉग है।

हैदर लघारी ने इस बात पर भी जोर दिया किसर्द मौसम में हवा की गति धीमी हो जाती है और प्रदूषक तत्व फैल नहीं पाते, जिससे स्मॉग बनता है। कोहरे के लिए नमी की जरूरत होती है, जो इस समय हवा में नहीं है।वहीं पाकिस्तान मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहर का न्यूनतम तापमान 3 नवंबर को 20 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 7 नवंबर को 17 डिग्री पर पहुंच गया। नमी का स्तर सुबह 17% और शाम को 16% दर्ज किया गया।

ये भी पढ़ें:-Bangladesh: आवामी लीग के ‘ढाका लॉकडाउन’ कार्यक्रम से पहले सुरक्षा कड़ी, राजधानी में 7,000 जवानों की बड़ी ड्रिल

दुनिया का चौथा सबसे प्रदूषित शहर कराची

बता दें कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के अनुसार, शुक्रवार को कराची दुनिया के चौथे सबसे प्रदूषित शहर के रूप में दर्ज किया गया, जहां हवा की गुणवत्ता को खतरनाकबताया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में छाती के संक्रमण, खांसी और निमोनिया के मामलों में तेजीआई है। डॉ. वेद वासवानी (बुरहानी हॉस्पिटल और अल-मुस्तफा मेडिकल सेंटर) ने बताया कि हाल के हफ्तों में छाती के संक्रमण और निमोनिया के गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ी है।

ये भी पढ़ें:-Nepal: ‘निजी क्षेत्र के सहयोग से बनेगा समृद्ध और शांतिपूर्ण देश’, आम चुनाव से पहले पीएम सुशीला कार्की का संदेश

इलाज में देरी से बढ़ रहा निमोनिया का खतरा

वहीं पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन (पीएमए) के प्रतिनिधि अब्दुल गफूर शोरों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि इलाज में देरी से निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि इसके लक्षणों में तेजबुखार, लगातार खांसी और सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। उन्होंने लोगों से जंक फूड से परहेज, पौष्टिक भोजन लेनेऔर खासकर रात के समय ठंड से बच्चों को बचाने की अपील की। इसके साथ ही विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदूषण का स्तर यूं ही बना रहा, तो कराची में श्वसन रोगों का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version