भागलपुर से बड़हरवा के बीच तीसरी और चौथी रेललाइन के निर्माण को रेलवे बोर्ड से औपचारिक मंजूरी मिल गई है। इस 128.5-128.5 किलोमीटर लंबे दोहरी रेल ट्रैक परियोजना पर कुल 3967.88 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंजूरी के बाद अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इस परियोजना के लिए बिहार के भागलपुर और झारखंड के साहेबगंज जिले को सार्वजनिक उद्देश्य के लिए अधिसूचित किया गया है।
रेलवे की योजना
भूमि अधिग्रहण पर लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पूर्व रेलवे, कोलकाता के निर्माण विभाग को अधिकृत पत्र जारी किया गया है। मार्च–अप्रैल 2026 तक काम शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि अगस्त 2026 तक रेललाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
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भागलपुर–जमालपुर तक तीसरी लाइन भी निर्माणाधीन
भागलपुर से जमालपुर तक 65 किमी की तीसरी लाइन का निर्माण भी 1100 करोड़ की लागत से होना है। इसके लिए भी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई जारी है। नाथनगर अंचल के राघोपुर एवं नूरपुर इलाके में मापी का कार्य हाल में कराया गया। स्टेशन के आसपास करीब 100 फीट दूरी तक अधिग्रहण की संभावना है, जिसमें सौ से ज्यादा घर प्रभावित हो सकते हैं।
ट्रेनों के परिचालन में सुधार
तीसरी और चौथी रेललाइन बनने के बाद इस रूट पर मालगाड़ियों का संचालन नई ट्रैक से किया जाएगा, जिससे एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता में सुधार होगा। वर्तमान में इस रूट से 40–45 मालगाड़ियों का दैनिक परिचालन होता है, जिससे ट्रैक पर अतिरिक्त दबाव बना रहता है। पीआरओ मालदा डिवीजन रसराज माजी ने बताया किरेलवे बोर्ड द्वारा परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है। अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी।
