कल 9 नवंबर 2025 दिन रविवारकी सुबह आठ बजे ‘चाय पर चर्चा’ आपके शहर रोहतास में होगी। अमर उजाला पर कार्यक्रम लाइव टेलीकास्ट होंगे। उसके बाद दोपहर 12 बजे युवाओं से चर्चा की जाएगी। फिर शाम 4 बजे से कार्यक्रम में सभी पार्टी के नेता/प्रत्याशियों, उनके प्रतिनिधि/समर्थकों और आम लोगों से सवाल-जवाब किए जाएंगे। ऐसे में आइये जानते हैं रोहतास का इतिहास।
ऐतिहासिक एवं पौराणिक दृष्टिकोण से रोहतास बिहार का एक समृद्ध जिला है। सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व के नाम पर जिले का नाम रोहतास पड़ा और राजा रोहिताश्व ने जिला मुख्यालय सासाराम से करीब 100 किलोमीटर दूर कैमूर पहाड़ी पर एक किले का निर्माण भी करवाया था, जो आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। इसके अलावा रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में सूर वंश के शासक शेरशाह सूरी का एक मकबरा भी है, जिसने मुगल बादशाह हुमायूं को हराकर दिल्ली की सल्तनत पर कब्जा किया था। वहीं रोहतास जिले को धान का कटोरा एवं झरनों का जिला कहा जाता है। यहां मानसून के दिनों में कैमूर पहाड़ी से सैकड़ो झरने गिरते हैं, जिसमें मांझर कुंड, मां तुतला भवानी, गुप्ता धाम, बुढ़न, महादेव खोह आदि शामिल है। पर्यटन के दृष्टिकोण से भी यह बिहार का सबसे समृद्ध जिला है, जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
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जिले के प्रमुख मुद्दे
जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिस पर ईमानदारी से कार्य किया जाए तो सरकारी राजस्व में भारी वृद्धि हो सकती है। वर्ष 1984 से बंद पड़ा डालमिया नगर फैक्टरी हर चुनाव का प्रमुख मुद्दा है। यहां कुल 40 प्रकार के घरेलू उत्पाद तैयार होते थे और हजारों लोगों को रोजगार मिलता था। जिले में क्रशर उद्योग बंद होने से भी हजारों लोगों का रोजगार छिन गया और कई ऐतिहासिक धरोहर रखरखाव के अभाव में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।
| क्रमांक | विधानसभा क्षेत्र | कुल मतदाता | पुरुष मतदाता | महिला मतदाता | प्रथम बार वोटर |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | चेनारी | 3,09,457 | 1,64,734 | 1,44,720 | 6,236 |
| 2 | सासाराम | 3,52,421 | 1,84,921 | 1,67,490 | 6,898 |
| 3 | करगहर | 3,29,147 | 1,76,353 | 1,52,785 | 9,062 |
| 4 | दिनारा | 3,04,868 | 1,61,771 | 1,43,094 | 6,849 |
| 5 | नोखा | 2,94,792 | 1,55,285 | 1,39,502 | 6,687 |
| 6 | डेहरी | 2,97,560 | 1,55,482 | 1,42,071 | 6,640 |
| 7 | काराकाट | 3,28,892 | 1,73,835 | 1,55,037 | 7,525 |
हॉट सीट
रोहतास जिले की सासाराम और काराकाट विधानसभा सीटें इस बार बेहद चर्चा में हैं। सासाराम सीट से रालोसपा (RLM) सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता कुशवाहा पहली बार चुनावी मैदान में उतरी हैं, जबकि काराकाट सीट से भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में किस्मत आजमा रही हैं।
2020 के नतीजे
| क्रमांक | विधानसभा सीट | वर्तमान विधायक | पार्टी | |
|---|---|---|---|---|
| 1 | चेनारी | मुरारी प्रसाद गौतम | कांग्रेस → भाजपा | सरकार बदलने पर भाजपा में शामिल हुए |
| 2 | सासाराम | राजेश गुप्ता | राजद | — |
| 3 | दिनारा | विजय कुमार मंडल | राजद | — |
| 4 | करगहर | संतोष मिश्रा | कांग्रेस | — |
| 5 | नोखा | अनीता चौधरी | राजद | — |
| 6 | डेहरी | फतेह बहादुर सिंह | राजद | — |
| 7 | काराकाट | अरुण सिंह | माले | — |
सासाराम विधानसभा
रोहतास जिले की यह सीट राजनीतिक दृष्टि से सबसे अहम मानी जाती है। जातीय समीकरण के लिहाज से यहां कुशवाहा समुदाय के मतदाता सबसे अधिक हैं। इनके बाद वैश्य और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या प्रभावशाली मानी जाती है। इस सीट पर एनडीए प्रत्याशी स्नेह लता कुशवाहा (पत्नी, उपेंद्र कुशवाहा) और राजद प्रत्याशी सत्येंद्र शाह के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। हालांकि, राजद उम्मीदवार सत्येंद्र शाह को नामांकन के तुरंत बाद झारखंड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और फिलहाल वे जेल से बाहरहैं। इसके अलावा बसपा प्रत्याशी व पूर्व विधायक डॉ. अशोक सिंह और जन सुराज प्रत्याशी विनय सिंह भी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।
‘सत्ता का संग्राम’ कार्यक्रम प्रस्तावित
सुबह 8 बजे से 9:30 तक:पोस्ट ऑफिस चौराहा, सासाराम
दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे:गौरक्षणी, सासाराम
शाम 3 बजे से 5:30 बजे: सर्किट हाउस, काली स्थान, सासाराम
विशेष कवरेज को आप यहां देख सकेंगे
amarujala.com, अमर उजाला के यूट्यूब चैनल और फेसबुक चैनल पर आप ‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़े कार्यक्रम लाइव देख सकेंगे। ‘सता का संग्राम’ से जुड़ा व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में भी पढ़ सकेंगे।
