Saturday, January 31, 2026
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Satta ka Sangram Live: वैशाली में युवा बोले- रोजगार, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को लेकर नीतीश सरकार ने किया काम

बिहार की सियासत में हर दिन नए उतार-चढ़ाव और नई हलचल देखने को मिल रही है। इसी उबाल के बीच अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ अब वैशाली की धरती पर पहुंच चुका है। यहां की गलियों, चौपालों और चाय की दुकानों में गूंज रही जनता की राय ही असली ताकत बनकर सामने आई है। आज, 17 अक्तूबर की सुबह, हमारी टीम ने वैशाली के मतदाताओं से सीधे संवाद किया। आम लोगों ने खुलकर अपनी उम्मीदें और सवाल रखे, वहीं दोपहर में युवाओं से मिलकर चुनावी मुद्दों और वोटिंग रुझानों की पड़ताल की गई। कौन है जिसकी ओर झुकी है जनता की नजर? उनकी उम्मीदें और सवाल क्या हैं? अमर उजाला के ‘सत्ता का संग्राम’ में हर राय, हर सवाल और हर उम्मीद बन रही है इस चुनावी कहानी का अहम हिस्सा, जो सीधे जनता के दिल और वोट से जुड़ी है।

‘बिहार में बहुत ज्यादा बदलाव हो रहा है’

स्थानीय निवासी विक्रम माथुर ने कहा, “नीतीश कुमार ने बहुत काम किया है। इसलिए एक बार फिर NDA की सरकार बननी चाहिए।” रोजगार के मुद्दे पर अजय कुमार ने कहा, “बिहार में हर किसी को नौकरी मिलना संभव नहीं है। इसलिए लोग खुद मेहनत करके अपने जीवन को चलाने लगे हैं। अगर आप पिछले 20 साल पहले का बिहार देखेंगे तो लोग ज्यादा पलायन करते थे, लेकिन अब यह कम हुआ है। बिहार में धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है।”

अशोक यदुवंशी ने कहा, ‘शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ज्यादा बदलाव आया है। पहले मैं एक प्लास्टिक के बैग में किताबें लेकर जाता था। अब बैग सरकार ही दे रही है। पहले मेरे पिता 10 KM दूर पढ़ने जाते थे, अब यहां पर स्कूल है। महिला आरक्षण की वजह से मेरी बहन नौकरी कर रही है। ये काम NDA सरकार ने किया है ।

मृत्युंजय कुमार ने कहा, “तेजस्वी यादव ने दावा किया कि उन्होंने 5 लाख लोगों को नौकरी दी, लेकिन असल में यह काम नीतीश कुमार ने किया है। तेजस्वी यादव सिर्फ क्रेडिट ले रहे हैं। उनके पिताजी के समय में कितने लोगों को नौकरी मिली, यह भी सवाल है।” उन्होंने लालू यादव के बारे में कहा, “लालू यादव खुद को समाजवादी बताते हैं, लेकिन वे परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं। वहीं, नीतीश कुमार ने ऐसा नहीं किया। अब बिहार के लोग राष्ट्रवाद की ओर बढ़ रहे हैं।”

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