बिहार की सियासत में हवा फिर बदल रही है, और अब यह हवा समस्तीपुर की धरती पर पहुंच चुकी है, उस मिट्टी पर जहां राजनीति सिर्फ मंचों पर नहीं होती, बल्कि हर दिल में धड़कती है। अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ आज रुका है इसी ऐतिहासिक जिले में, जहां खेतों की हर बयार में चुनावी चर्चा घुली है और चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल गूंज रहा है, इस बार किसके साथ है जनता? सुबह की चाय से लेकर शाम की चौपाल तक, उम्मीदें, मुद्दे और मतदाता सब मिलकर बना रहे हैं बिहार की नई सियासी तस्वीर। आइए, जुड़िए ‘सत्ता के संग्राम’ के साथ और जानिए समस्तीपुर की जनता क्या सोचती है, किस पर भरोसा करती है, और किसे देना चाहती है सत्ता की चाबी।
‘जानें क्या है लोगों की राय’
समस्तीपुर के स्थानीय निवासी अनिल राय ने कहा कि यहांका माहौल NDA के पक्ष में है। उन्होंने बताया, “यहां के लोग रोजगार चाहते हैं। खाद्य सुरक्षा मिली है और महिलाओं को 10,000-10,000 रुपए दिए गए हैं। इसका फायदा NDA को होगा।” वहीं, संदीप कुमार ने कहा, “इस बार हम बदलाव चाहते हैं और NDA के साथ नहीं हैं। हम तेजस्वी यादव की सरकार चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आरक्षण के मामले में NDA की सोच सही नहीं है और वे निजीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं।”
अमरनाथ कुमार ने कहा, “हम बदलाव चाहते हैं और इस बार सरकार बदलना चाहते हैं। तेजस्वी यादव की सरकार में रोजगार मिलेगा। तेजस्वी यादव ने अपने 17 महीने के कार्यकाल में बहुत काम किया था।” उन्होंने आगे कहा, “तेजस्वी यादव ने कई कठिन फैसले लिए हैं, जो आसानी से कोई नहीं कर सकता। हम इस बार बिहार की सत्ता कंपते हाथों में नहीं देंगे।”
राजीव कुमार ने कहा, “इस बार हम बदलाव चाहते हैं। यहां के युवाओं को रोजगार चाहिए।” रामाशीष राय ने कहा, “इस बार हम बदलाव चाहते हैं। हम चाचा (नीतीश कुमार) को बदलना चाहते हैं और उन्हें कंपते हाथ में सत्ता में नहीं आने देंगे।”संजय कुमार ने कहा, “हम बदलाव चाहते हैं। 20 साल हो गए हैं और अब बदलाव की जरूरत है। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है।” रोशन यादव ने कहा, “इस बार तेजस्वी यादव को मौका मिलना चाहिए। इस बार उनकी सरकार बननी चाहिए।”