अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका टैरिफ दुनियाभर में चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में जब इसका अमेरिका में भी विरोध होना शुरू हुआ, तब ट्रंप ने इसका बचाव करते हुए विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। रविवार कोट्रंप ने कहा किजो लोग टैरिफ के खिलाफ हैं, वे ‘मूर्ख’ हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि टैरिफ की वजह से अमेरिका दुनिया का सबसे अमीर और सम्मानित देश बन गया है, जहां लगभग कोई महंगाई नहीं है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’पर लिखा कि टैरिफ से अमेरिका ट्रिलियनों डॉलर कमा रहा हैऔर इसी पैसे से देश जल्द ही अपना कर्ज चुकाना शुरू करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी अमेरिकियो कोकम से कम 2,000 डॉलर का लाभांश (डिविडेंड) दिया जाएगा।हालांकि यह राशि उच्च आय वाले लोगों को नहीं मिलेगी।
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अमेरिका में हो रहे रिकॉर्ड निवेश- ट्रंप
ट्रंप ने आगे इस बात का दावा किया किटैरिफ नीति के चलतेअमेरिकामें रिकॉर्ड निवेश हो रहे हैं, नए प्लांट और फैक्टरियां बन रही हैं। साथ ही401(के) (सेवानिवृत्ति बचत योजनाएं) जैयी योजनाएंअब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं।
बता दें कि दुनियाभर में टैरिफ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच ट्रंप का ये बयानउस समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने छह नवंबर से ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान लगाए गए वैश्विक टैरिफ को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई शुरू की है। यह मामला अमेरिकी अदालतों में काफी अहम आर्थिक मामला माना जा रहा है।
न्यायाधीशों ने ट्रंप की नीति पर जताया संदेह
मामले मेंसुनवाई के दौरान कई न्यायाधीश,जिनमें एमी कोनी बैरेट, नील गोरसच, और ब्रेट कैवनॉ शामिल हैं। इन्होंनेट्रंप की नीति पर संदेह जताया। जस्टिस बैरेट ने सवाल उठाया कि प्रशासन ने एक संघीय कानून का इस्तेमाल करके सभी देशों पर समान टैरिफ क्यों लगाया। इस दौरान वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अदालत में कहा कि प्रशासन इसे एक आर्थिक आपातकालके रूप में देखता है।
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लैविट ने कानून के दलीलों पर जताया भरोसा
इसके अलावाव्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि सरकार को न्यायालय के हर संभावित फैसले का अंदाजा है, लेकिन उसे अपनी कानूनी दलीलों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट कानून और तथ्यों के आधार पर सही फैसला देगा। यह मामला सिर्फ ट्रंप प्रशासन का नहीं, बल्कि आने वाली सरकारों के लिए भी टैरिफ नीति को परिभाषित करेगा।
