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कसने लगा आतंक की फैक्टरी अल फलाह पर शिकंजा: यूनिवर्सिटी के मालिक को समन, दिल्ली पुलिस ने दर्ज किए हैं दो मामले

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कसने लगा आतंक की फैक्टरी अल फलाह पर शिकंजा: यूनिवर्सिटी के मालिक को समन, दिल्ली पुलिस ने दर्ज किए हैं दो मामले


दिल्ली पुलिस ने फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल मामले की जांच और जालसाजी व धोखाधड़ी के लिए अल फलाह विश्वविद्यालय के खिलाफ दर्ज दो मामलों के संबंध में विश्वविद्यालय के चेयरमैन को दो समन जारी किए हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने यूजीसी की शिकायत पर दो अल फलाह विश्वविद्यालय (विवि) के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज किए हैं।




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अल-फलाह यूनिवर्सिटी
– फोटो : अमर उजाला


दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये समन तब भेजे हैं जब जांचकर्ताओं ने पाया कि विश्वविद्यालय के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी का बयान संस्थान के कामकाज और उससे जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों से संबंधित कई विसंगतियों को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण है।


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अल फलाह यूनिवर्सिटी
– फोटो : अमर उजाला


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) द्वारा शनिवार को गंभीर चिंता जताए जाने के बाद अपराध शाखा ने हरियाणा स्थित इस विश्वविद्यालय के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में दो प्राथमिकी 14 नवंबर की रात दर्ज की थीं।


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AL-Falah University
– फोटो : ANI (फाइल फोटो)


शाखा के अधिकारियों ने बताया कि दोनों नियामक निकायों ने विश्वविद्यालय के मान्यता संबंधी दावों की समीक्षा के बाद ‘बड़ी अनियमितताओं’ को चिन्हित किया और अपने निष्कर्ष कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ये प्राथमिकियां विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता संबंधी कथित झूठे दस्तावेजों और दावों से संबंधित हैं। मामले की विस्तार से जांच की जा रही है।


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फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए जा सकती है एनआईए
– फोटो : ANI


पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिद्दीकी को समन जारी करना व्यापक जांच का हिस्सा है, जो पिछले सप्ताह लाल किले के पास हुए विस्फोट की चल रही जांच से संबंधित है। माना जा रहा है कि विस्फोट से जुड़े कई संदिग्धों का विश्वविद्यालय से संबंध रहा है, जिसके कारण जांचकर्ताओं को संस्थागत रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक स्वीकृतियों की जांच करनी पड़ रही है। मामले की जांच जारी है। दर्ज दोनों मामलों की जांच की शाखा की इंटरस्टेट सेल की अलग-अलग टीमें कर रही हैं।


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