बिहार एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बीते 12 वर्षों से फरार चल रहे हार्डकोर नक्सली बच्चा सहनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर लेवी वसूली के लिए ठेकेदार की जेसीबी जलाने और उसके चालक को गोली मारने का गंभीर आरोप है। यह कार्रवाई बोचहां थाना क्षेत्र में एसटीएफ की विशेष टीम द्वारा की गई।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि फरार नक्सली बच्चा सहनी अपने गांव माधोपुर (थाना रामपुरहरि) में मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय बोचहां थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उससे पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
2014 में दर्ज की गई थी एफआईआर
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2012 में बोचहां थाना क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य कर रहे एक ठेकेदार से नक्सलियों ने लेवी की मांग की थी। लेवी नहीं देने और काम बंद न करने पर नक्सलियों ने कार्यस्थल पर हमला कर जेसीबी मशीन में आग लगा दी थी और चालक के पैर में गोली मार दी थी। इस घटना को लेकर 26 अगस्त 2014 कोबोचहां थाना में हार्डकोर नक्सलियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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जानें कब से फरार चल रहा थाबच्चा सहनी?
इस मामले में पुलिस पहले ही हार्डकोर नक्सली संजय पटेल उर्फ संजय सहनी उर्फ आजाद जी उर्फ अस्सी, लालबाबू पासवान, गणेश पासवान उर्फ गणेश भारती, रामबाबू सहनी और राधेश्याम को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बच्चा सहनी तभी से फरार चल रहा था।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ में नक्सली नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां मिलने की संभावना है।
