वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआ पुरानी बाजार में अज्ञात बदमाशों द्वारा रतन चौधरी के नाम से धमकी भरा पत्र उनके छोटे भाई के घर पर फेंका गया। पत्र के साथ कफन भी रखा गया था। जैसे ही परिजनों ने पत्र पढ़ा, पूरे परिवार में भय और दहशत का माहौल बन गया।
पत्र में जान से मारने की खुली धमकी
परिजनों के अनुसार पत्र में रतन चौधरी को जान से मारने की धमकी दी गई है। पत्र में लिखा गया है कि चाहे आज हो, कल हो, महीना हो या साल, किसी भी कीमत पर उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि एक ‘छोटा गिफ्ट’ भेजा गया है, जो मरने के बाद काम आएगा, जिससे परिवार और अधिक भयभीत हो गया।
डायल 112 और थाने से संपर्क की कोशिश
घटना के बाद परिजनों ने सबसे पहले डायल 112 पर सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि डायल 112 पुलिस ने यह कहते हुए मौके पर आने से इनकार कर दिया कि पत्र फेंकने वाला अज्ञात है, इसलिए थाने में आवेदन देने की सलाह दी गई। इसके बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय महुआ थाना से संपर्क किया।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी तीन बार धमकी भरे पत्र मिल चुके हैं, जिनमें से दो स्पीड पोस्ट के माध्यम से महुआ से ही भेजे गए थे। 1 जनवरी को भी इसी तरह पत्र फेंका गया था, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी। उस समय पुलिस ने घर में सीसीटीवी कैमरा लगाने की सलाह दी थी, जिसे परिजनों ने लगवा लिया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
लगातार मिल रही धमकियों से परिवार गहरे डर में है। परिजनों का आरोप है कि पहले ही दिन थाने में मामला दर्ज कराने के बावजूद पुलिस गंभीरता से जांच नहीं कर रही है। उनका कहना है कि यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
इस संबंध में महुआ थाना अध्यक्ष राजेश रंजन ने बताया कि महुआ पुरानी बाजार में रतन चौधरी के यहां धमकी भरा पत्र फेंके जाने की सूचना मिली है। इससे पहले भी एक बार पत्र फेंका गया था, जिस पर पुराने विवाद के आधार पर मामला दर्ज किया गया था और 15 दिनों तक चौकीदार की ड्यूटी भी लगाई गई थी। उस समय पत्र पोस्ट ऑफिस से आया था और वहां जांच भी कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। अब दोबारा पत्र फेंके जाने की घटना सामने आई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
