कटिहार के बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हार के बावजूद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समर्थकों के बीच पहुंचे और एक ऐसा राजनीतिक संदेश दिया जिसने सीमांचल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। मधेपुर मैदान में आयोजित सभा में उन्होंने जनता का आभार जताते हुए कहा कि एआईएमआईएम उम्मीदवार आदिल हुसैन को जीत दिलाने के लिए लोगों ने जिस जुनून से समर्थन दिया, वह आने वाले समय में महत्वपूर्ण परिणाम लेकर आएगा।
सभा में ओवैसी का राजनीतिक संदेश
ओवैसी ने अपने संबोधन में तंज भरे लहजे में कहा कि बलरामपुर में ‘लाल किला ढह गया’ और अब ‘रंग हरा’ हो गया है। यह बयान भाकपा माले की लंबे समय से चली आ रही पकड़ पर कटाक्ष के रूप में देखा गया। उन्होंने कहा कि कई दशकों तक इस क्षेत्र में भाकपा माले का प्रभाव रहा, लेकिन इस बार जनता ने नए इतिहास की नींव रखी है।
उम्मीदवारों के प्रदर्शन ने बढ़ाई चर्चा
इस चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की उम्मीदवार संगीता देवी ने पहली बार जीत दर्ज की। एआईएमआईएम उम्मीदवार आदिल हुसैन को 80,070 वोट मिले और वे मात्र 389 वोटों के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे। यह मामूली अंतर चुनावी चर्चा का केंद्र बन गया। वहीं भाकपा माले, जिसने कई वर्षों तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, इस बार तीसरे स्थान पर खिसक गई।
यह भी पढ़ें-Bihar:नई सरकार के शपथ ग्रहण की अगली सुबह बिहार में विपक्षी दल के नेता की हत्या; मृतक पर भी दर्ज थे कई मामले
सीमांचल में संगठन विस्तार के संकेत
सभा के दौरान मौजूद भीड़ को देखकर ओवैसी ने कहा कि बलरामपुर ने एआईएमआईएम को केवल वोट नहीं, बल्कि पहचान दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी आने वाले दिनों में सीमांचल में अपने संगठन को और मजबूत करेगी। ओवैसी ने कहा कि जनता बदलाव चाहती है और यह बदलाव अब रुकने वाला नहीं है।
समर्थकों का आभार और भविष्य की उम्मीदें
सभा के अंत में ओवैसी ने कार्यकर्ताओं, युवाओं और महिलाओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन जनता का विश्वास सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने भरोसा जताया कि अगला चुनाव एआईएमआईएम के लिए निर्णायक साबित होगा।
यह भी पढ़ें-Crime:बिहार में MP की युवती देह व्यापार का शिकार, भागकर खेत में छिपी और बचाई जान; खान सर के पास आई थी पढ़ने
